अपने वंशज ‘राम’ का अभिषेक करने मंदिर प्रांगढ़ में पधारेंगे भगवान भास्कर

अयोध्या:  अयोध्या में जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर में विराजमान रघुकुल नंदन भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव बुधवार को पूरी दुनिया के लिये आकर्षण का केंद्र बनेगा ,जहां सूर्य की किरणें चार से पांच मिनट तक रामलला का अभिषेक करेंगी।

‘भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी, अद्भुत रूप विचारी।। की चौपाईयों की स्तुति के साथ भव्य मंदिर में श्रीरामलला का प्रतीकात्मक रूप से जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने मंगलवार को यूनीवार्ता से बातचीत में कहा कि प्रथम बार रामलला के जन्मोत्सव पर सूर्य की किरणें रामलला का अभिषेक चार से पांच मिनट तक करेंगी। रामलला का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र, कर्क लग्न में दोपहर 12 बजे हुआ था।

उन्होंने बताया कि 495 वर्ष बाद रामलला का जन्मोत्सव उनके दिव्य और भव्य बन रहे राम मंदिर में प्रथम बार हो रहा है। इस वर्ष यह मुहूर्त 17 अप्रैल को अर्थात् कल पड़ रहा है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में रामलला का जन्मोत्सव मनाने के लिये पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। भव्य और दिव्य राम मंदिर को तो फूलों से, झालरों से सजाया गया है। 495 वर्षों के संघर्ष के बाद स्थायी मंदिर में विराजे रामलला का जन्मोत्सव पहली बार इतनी भव्यता से मनाया जा रहा है। जन्मोत्सव पर श्रीरामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जायेगा, साथ ही प्रसाद के रूप में तीन तरह की पंजीरी, पंचामृत का भोग लगेगा।

आचार्य सत्येन्द्र दास ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा रामलला के जन्मोत्सव में पंजीरी, कुट्टू व सिंघाड़े का आटा, रामदाना का भी भोग लगाया जायेगा। ट्रस्ट द्वारा रामलला के भोग की पूरी व्यवस्था कर ली गयी है, जो उनके द्वारा प्राप्त होगा, उसे रामलला के चरणों में रख करके भोग लगाया जायेगा। जन्मोत्सव मनाये जाने के बाद यह प्रसाद श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों सहित मंदिर निर्माण कार्य में लगे मजदूरों, इंजीनियरों के साथ रामलला के दर्शनार्थियों को वितरित किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव पर रामलला का विधि विधान पूर्वक पूजन किया जायेगा और दूध से रामलला का अभिषेक होगा साथ ही साथ इत्र भी लगाया जायेगा। रामलला अपने जन्मोत्सव पर रतन जडि़त वस्त्र धारण करेंगे। पीला कपड़ा, सोने का मुकुट सहित कई वस्त्र रहेंगे। जन्मोत्सव के उल्लास में अयोध्या डूब रही है। राम मंदिर निर्माण की खुशी बयान हो रही है। पूरी अयोध्या में जन्मोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिये अयोध्या के संत धर्माचार्य तैयारियों में जुट गये हैं। राम जन्मोत्सव पर पूरी अयोध्या राममय हो गयी है। इस बार घर-घर उत्सव मनाया जायेगा।

मुख्य पुजारी ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि परिसर में श्रीरामजन्मोत्सव की तैयारी देखने लायक होगी। क्योंकि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पूरी अयोध्या को सजाने का काम किया है। राम मंदिर में पहली बार जन्मोत्सव की भव्यता देखते बनेगी। जन्मोत्सव के दिन कई किलो चरनामृत प्रसाद भी तैयार किया जायेगा।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय के अनुसार रामलला के जन्मोत्सव पर रामलला के दर्शन के लिये अद्भुत तैयारियां की हैं। किसी भी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार का कोई तकलीफ नहीं होना पड़ेगा और बहुत ही आराम से कम समय में रामलला का दर्शन हो जायेगा। इस बार रामलला के दर्शन में श्रद्धालुओं के लिये सात लाइनें बनायी गयी हैं जिससे श्रद्धालु बड़ी आसानी से दर्शन कर सकते हैं। अप्रैल के महीना में कड़ी धूप होने की वजह से ऊपर छांव का भी व्यवस्था किया गया है, जिससे किसी श्रद्धालु को दिक्कत न होने पाये।

उन्होंने बताया कि मोबाइल लेकर न आवें और जूता, चप्पल राम मंदिर से कहीं दूर उतारकर दर्शन करने के लिये आवें जिससे किसी श्रद्धालु को परेशानी न होने पावे। जन्मोत्सव में काफी भीड़ को देखते हुए 16,17,18 अप्रैल तक वीआईपी पास को निरस्त कर दिया गया है। सुग्रीव किला के नीचे बिड़ला धर्मशाला के नीचे श्रीरामजन्मभूमि प्रवेश द्वार पर ट्रस्ट द्वारा सेवा केन्द्र बनाया गया है जिनमें जन सुविधायें उपलब्ध हैं। जन्मोत्सव कार्यक्रम का सजीव प्रसारण अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में करीब अस्सी से सौ स्थानों पर एल.ई.डी. स्क्रीन लगाकर दिखाया जा रहा है।

मध्यान्ह 12 बजे घंटे घडिय़ालों और शंख की करतल ध्वनि के बीच श्रीरामलला प्रकट होंगे। उसके बाद पूरा वातावरण भगवान श्रीराम के नाम से गुंजायमान हो उठेगा। इस उपलक्ष्य में बधाई, सोहर गीत, प्रसाद वितरण आदि कार्यक्रम का सिलसिला देर शाम तक जारी रहेगा। पूरी अयोध्या नगरी दुल्हन की तरह सजायी गयी है। मंदिरों में जन्मोत्सव की पूर्व बेला से ही बधाई सोहर के गीत आदि का कार्यक्रम चल रहा है। किन्नर से लेकर साधु-संत, भक्तगण सभी राम जन्मोत्सव की खुशी में डूबे हुए हैं।

किन्नर लोग मठ-मंदिरों में जाकर महंतों से नेग न्यौछावर भी ले रहे हैं। श्रीरामजन्मभूमि में भव्य और दिव्य रामलला के कनक भवन मंदिर सहित अयोध्या धाम के लगभग दस हजार मंंदिरों में रामनवमी उत्सव धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त से ही सरयू स्नान प्रारंभ हो जायेगा। श्रद्धालु सरयू में स्नान के बाद श्रीरामजन्मोत्सव में सम्मिलित होने के लिये प्रमुख मंदिरों समेत अपने-अपने गुरू स्थानों के मंदिरों के ओर प्रस्थान करेंगे, जहां वह रामजी के जन्मोत्सव में शामिल होकर अपना जीवन कृतार्थ करेंगे। उसके बाद श्रद्धालुगण शाम तक अपने गंतव्य को रवाना हो जायेंगे।

रामनवमी के दिन श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से रामलला के दर्शन अवधि में भी बदलाव किया गया है। मंगला आरती के बाद ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: साढ़े तीन बजे से अभिषेक, श्रृंगार और दर्शन का कार्यक्रम साथ-साथ चलेगा। रामनवमी पर विशेष रूप से भगवान रामलला पर सूर्य की किरणें मध्यान्ह करीब बारह बजे चार-पांच मिनट तक पड़ेगी। इस दिन कुल साढ़े 19 घंटे रामलला का दर्शन होगा। भगवान की श्रृंगार आरती पांच बजे होगी। श्रीरामलला का दर्शन व पूजा विधि यथावत साथ-साथ चलती रहेंगी। भगवान को भोग लगाने के लिये समय-समय पर अल्पकाल को पर्दा रहेगा। रात्रि 11 बजे तक रामलला के दर्शन का क्रम चलेगा। शयन-आरती के बाद प्रसाद मंदिर निकास पर मिलेगा। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिये रामलला के दर्शन मार्ग पर, यात्री सुविधा केन्द्र पर रेल आरक्षण केन्द्र भी स्थापित किया है।

प्रसार भारती द्वारा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये इसका सीधा प्रसारण किया जायेगा। सभी श्रद्धालु घर बैठे मोबाइल, टेलीविजन और स्थान-स्थान पर लगी हुई एलईडी स्क्रीन पर देखकर प्रभु श्रीराम की कृपा प्राप्त कर अपना जीवन धन्य करें। श्रीरामजन्मोत्सव के लिये श्रीरामजन्मभूमि मंदिर को भी मनोहारी रूप से सजाया गया है। रात्रि में इसकी शोभा निरखते ही बनती है।

अयोध्या नगर निगम द्वारा सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में जगह-जगह जल प्याऊ की व्यवस्था की गयी है। स्वास्थ्य विभाग ने मेला क्षेत्र में कई मेडिकल कैम्प भी लगाये हैं। नगर निगम अयोध्या नगरी में फागिंग करा रहा है। इसके अलावा साफ-सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा गया है। भीड़-भाड़ वाले संकरे क्षेत्रों में बैरीकेडिंग लगाया गया है। साथ ही साथ पुलिस की भी तैनाती की गयी है। जल-थल और नभ से अयोध्या की निगरानी की जा रही है।

जिलाधिकारी नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरण नैय्यर ने पूरे मेले का कई दिनों से पूरे अयोध्या का निरीक्षण करने के बाद मेले की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में खोया पाया कैम्प भी लगाया गया है और सभी जगह लाउड स्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया भी जा रहा है कि आपको कहां कैसे जाना है। बिछड़े हुए लोगों को मिलाया भी जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेले में चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल की तैनाती है। बम निरोधक दस्ता, डाग स्कवायड टीम, खुफिया तंत्र पूरे मेला क्षेत्र में सक्रिय कर दिया गया है। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, सरयू स्नान घाट समेत अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों द्वारा निगरानी की जा रही है।

रामनवमी मेला क्षेत्र में पैरा मिलेट्री फोर्स समेत एटीएस कमांडो की भी तैनाती है। सरयू घाटों पर मोटर बोट, जल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीएससी व गोताखोरों को भारी संख्या में लगाया गया है। जो किसी भी अनहोनी घटना से तुरन्त निपट सकते हैं। पूरे मेला क्षेत्र में छोटी-बड़ी गाडिय़ों को शहर के बाहर अस्थायी पार्किंग बनाकर रोक दिया गया है। बड़ी गाडिय़ों का रूट डायवर्ट कर बाहर अन्य जिलों के रास्ते से भेजा जा रहा है। मेला कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां पर आला अधिकारी बैठ करके पूरे अयोध्या का जायजा ले सकते हैं।

इस बार श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण में रामलला का प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद प्रथम बार जन्मोत्सव अर्थात् रामनवमी का पर्व होने से पिछले दिनों शासन से मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार, पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार, मण्डलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरण नैय्यर, अयोध्या नगर निगम के नगर आयुक्त, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रामलला के भव्य और नव्य मंदिर का निरीक्षण करते हुए पूरे अयोध्या के श्रद्धालुओं को सुरक्षा मुहैय्या कराने का निर्देश दिया था। इस तरह का अधिकारियों की कई बैठकें भी सम्पन्न हुई थीं।

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