सचिन जीआईडीसी में स्थित कंपनी में ब्लास्ट के घटना में 7 लोगों की दर्दनाक मौत, 27 लोग आग से झुलसे
सूरत: गुजरात की सचिन जीआईडीसी (औद्योगिक ईलाके) में स्थित एथर इंडस्ट्रीज कंपनी में मंगलवार देर रात रात करीब दो बजे ब्लास्ट के बाद आग लगने की घटना में सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 27 लोग झुलस गए।
सूरत के सचिन जीआईडीसी स्थित एथर इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक केमिकल कंपनी में मंगलवार रात करीब दो बजे स्टोरेज टैंक में ब्लास्ट से भीषण आग लग गई। घटना में कई लोग आग से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड का बेड़ा मौके पर पहुंच गया और बचाव एवं आग पर नियंत्रण कार्य शुरू कर दिया था। ईस घटना में सभी सात मजदूरों के कंकाल को निकाला गया है।
आग पर नियंत्रण पाने के अभियान के साथ-साथ हादसे में लापता श्रमिकों का पता लगाने के लिए पुलिस एनडीआरएफ, एफएसएल द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया था। जिसमें करीब 7 मजदूरों की मौत हो गई है। घटना संज्ञान में आने के बाद जीपीसीबी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्राथमिक तलाश आरंभ की है।
घटना के बाद प्राथमिकी जांच के लिए मौके पर पहोंची गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) अधिकारी जिज्ञा ओझा का निवेदन चर्चित हो गया है। उन्होंने मीडिया के समक्ष कहा कि यह घटना एक अकस्मात है। सुरक्षा के कारण नुक्शान कम हुआ है। इस घटना में कंपनी की कोई गलती नहीं है, कंपनी की कोई लापरवाही नहीं है ऐसा बतातें हुए उन्होंने आगे कहा कि यह एक दुर्घटना है, कोई प्लांड इवेन्ट नहीं है। अनप्लांड इवेन्ट हो जाती हैं। मिस हेपनिंग या ऐसा होता है कि हम कभी-कभी चलते-चलते गिर जाते हैं। प्रथम दृष्टया कंपनी की गलती नहीं लग रही है।
जीपीसीबी के अदिकारी अनुसार, कंपनी का सलामती और सुरक्षा प्रदर्शन अप टू ध मार्क है और स्टोरेज टैंक में क्षमता के 75 प्रतिशत लिक्विड था। तो फिर यहां सवाल उठता है कि फिर यह दर्दनाक घटना कैसे घटी?