रफ्तार,रोमांच के संग आरामदायक सफर का अनुभव देगी ‘नमो भारत’

लखनऊ:  भारतीय रेल को नया आयाम देने वाली रैपिड एक्स ट्रेन ‘नमो भारत’ यात्रियों को कम पैसों में रफ्तार के साथ आरामदायक सफर का अहसास करायेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश के प्रथम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और रैपिडएक्स ट्रेन ‘नमो भारत’ का शुभारंभ किया। परियोजना के पहले चरण में रैपिड रेल का संचालन साहिबाबाद से 17 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद, गुलधार, दुहाई और दुहाई डिपो के बीच किया जा रहा है। यह 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है।

अधिकृत सूत्रों ने बताया कि यात्री मोबाइल और कार्ड के माध्यम से भी टिकट खरीद सकेंगे। मरीज और दिव्यांगों के लिए खास व्यवस्था रेल कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतजाम किया गया है। अगर किसी मरीज को मेरठ से दिल्ली रेफर किया जाता है तो इसके लिए एक अलग कोच की व्यवस्था है, ताकि कम कीमत में मरीज को पहुंचाया जा सके। दिव्यांगों के लिए अलग सीट्स तैयार की गई है, जिन्हें इस्तेमाल न होने की सूरत में मोड़ा जा सकेगा। इस ट्रेन की सीटें बेहद आरामदायक बनाए गए हैं। ट्रेन में एडजस्टेबल चेयर हैं। इसके साथ ही खड़े होने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन में वाईफाई की सुविधा,मोबाइल-यूएसबी चार्जर भी होंगे।

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुमान के मुताबिक, ट्रेन में किराया करीब दो रुपए प्रति किमी होगा। दिल्ली मेट्रो की सात लाइनों पर रैपिड लाइन की कनेक्टिविटी होगी। इसे मुनिरका, आईएनए और एरोसिटी से जोड़ा जाएगा। आरआरटीएस प्रोजेक्ट के मुताबिक पूरे कॉरिडोर के साथ 24 स्टेशन बनाए जाएंगे। एजेंसी का अनुमान है कि प्रोजेक्ट 2025 में पूरा हो जाएगा तो रोजाना आठ लाख यात्री इससे सफर कर सकेंगे। दिल्ली से मेरठ पहुंचने में एक घंटे का वक्त लगेगा।

सूत्रों के मुताबिक 2019 में शुरु किये गये 82 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के जून 2025 तक पूरा होने जाने की उम्मीद है। आरआरटीएस ने इस रैपिड रेल परियोजना को रैपिडेक्स का नाम दिया गया है। दिल्ली से मेरठ के बीच पूरे रुट के निर्माण के बाद कुल 30 रैपिड ट्रेनों को चलाने की तैयारी है।

उन्होने बताया कि सरकार ने ऐसी ही आठ लाइन की पहचान की है जिनका विकास आरआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। पहले चरण में तीन कॉरीडोर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुड़गांव-निमराणा-अलवर और दिल्ली-पानीपत का निर्माण एनसीआरटीसी करेगी जबकि बाकी बचे पांच कॉरिडोर दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लबगढ़-पलवल, गाजियाबाद-खुर्जा, दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक, गाजियाबाद-हापुड़ और दिल्ली-शहदरा-बड़ौत में ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी

दिल्ली,गाजियाबाद और मेरठ को कनेक्ट करने वाले इस कॉरिडोर का प्लान रैपिड एक्स प्रोजेक्ट के तहत किया गया है, जिसके मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की होगी।एनसीआरटीसी का दावा है कि ये भारत का पहला ऐसा ट्रेन सिस्टम होगा जिसमें ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। पहले खंड में रैपिड रेल साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच चलेगी, ये रूट 17 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर पांच स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

પર્યાવરણ,paryavarantoday,paryavaran,पर्यावरण,What is this paryavaran?,पर्यावरण संरक्षण,Save Paryavaran Save Life,paryavaran news