2017 में राष्ट्र को समर्पित किए जाने के बाद सरदार सरोवर बांध लगातार पांचवीं बार 138.68 मीटर के पूर्ण स्तर पर पहुंचा
- नर्मदा नीर से लबालब हुआ गुजरात की प्यास बुझाने वाला सरदार सरोवर बांध
- सरदार सरोवर नर्मदा बांध पूर्ण स्तर पर पहुंचा: मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने नर्मदा मैया की पावन जलराशि का पूजा-अर्चना से किया स्वागत
- इस वर्ष 11 अगस्त से अब तक 51 दिनों तक ओवरफ्लो रहा और 10,012 मिलियन घन मीटर पानी की आवक हुई
गांधीनगर : गुजरात में जल क्रांति और कृषि क्रांति की जीवन रेखा नर्मदा योजना के सरदार सरोवर बांध का जलस्तर 138.68 मीटर यानी 455 फुट के अपने पूर्ण स्तर पर पहुंच गया है। 138.68 मीटर के पूर्ण जलाशय स्तर पर बांध की कुल जल भंडारण क्षमता 9460 मिलियन घन मीटर है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार दोपहर विजय मुहूर्त में सरदार सरोवर बांध साइट एकता नगर पहुंचकर नर्मदा मैया के नीर का जल पूजन से स्वागत किया।
इस वर्ष मानसून सीजन में अच्छी बारिश के चलते सरदार सरोवर बांध 11 अगस्त से ओवरफ्लो होना शुरू हो गया था। अब तक कुल 51 दिनों तक जलाशय ओवरफ्लो रहा और कुल 10,012 मिलियन घन मीटर यानी 8.177 मिलियन एकड़ फुट पानी की आवक हुई है।
इतना ही नहीं, इस वर्ष मानसून के दौरान नर्मदा योजना के रिवर बेड पावर हाउस तथा कैनाल हेड पावर हाउस में 1343 मेगावाट बिजली तथा अब तक कुल 6283 करोड़ यूनिट बिजली उत्पन्न हुई है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उमंग और उल्लासपूर्ण वातावरण में मंत्रोच्चार के बीच में सरदार सरोवर बांध में पूर्ण स्तर पर पहुंचे नर्मदा नीर की पूजा की। बता दें कि यह प्रोजेक्ट राज्य के 10,014 गांवों, 183 शहरों और 7 महानगर पालिका क्षेत्रों सहित कुल मिलाकर करीब 4 करोड़ लोगों को पेयजल की आपूर्ति करता है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दायित्व संभालने के केवल 17 दिनों के भीतर ही नर्मदा बांध का शेष कार्य पूर्ण करने तथा बांध पर दरवाजे लगाने की मंजूरी दे दी थी। राज्य सरकार ने भी तुरंत यह कार्य शुरू कर 30 दरवाजे लगाने सहित सभी कार्यों को निर्धारित समय से 9 महीने पहले ही पूरा कर लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2017 में उनके जन्मदिन, 17 सितंबर को सरदार सरोवर बांध राष्ट्र को समर्पित किया था। 2017 में राष्ट्र को समर्पित करने के बाद यह बांध अब तक पांच बार अपने पूर्ण स्तर तक भर चुका है।
उल्लेखनीय है कि सरदार सरोवर बांध में गेट लगने से पहले बरसात के समय का अतिरिक्त पानी समुद्र में व्यर्थ ही बह जाता था। अब वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सुचारू जल प्रबंधन से ‘सौनी योजना’ के माध्यम से सौराष्ट्र के 115 जलाशयों तथा ‘सुजलाम सुफलाम योजना’ के जरिए उत्तर गुजरात के 9 बड़े और मध्यम जलाशयों सहित 909 तालाबों तक पहुंचाया जा रहा है। इस वर्ष भी सरदार सरोवर नर्मदा बांध के ओवरफ्लो होने से राज्य की 10 अलग-अलग नदियों में नर्मदा जलराशि को छोड़कर इन नदियों को पुनर्जीवित किया गया है।
गुजरात की प्यास बुझाने वाले सरदार सरोवर नर्मदा बांध के पूर्ण स्तर पर पहुंचे नर्मदा नीर की पूजा-अर्चना से जल शक्ति की वंदना करने की परंपरा को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लगातार दूसरे वर्ष जल पूजा कर आगे बढ़ाया है।