ऊंझा स्थित उमिया माता मंदिर में क्लोथ बैग वेंडिंग मशीन का उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्लास्टिक मुक्त भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात की एक और पर्यावरण हितकारी पहल
  • धार्मिक स्थलों को प्लास्टिक फ्री बना कर प्लास्टिक फ्री गुजरात का संकल्प पूरा करने की दिशा में मुख्यमंत्री का एक और महत्वपूर्ण कदम
  • मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ऊंझा स्थित उमिया माता मंदिर में क्लोथ बैग वेंडिंग मशीन का उद्घाटन किया
  • मुख्यमंत्री ने मशीन में पाँच रुपए का सिक्का डाल कर कपड़े की थैली प्राप्त की

गांधीनगर:  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्लास्टिक मुक्त भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री  भूपेंद्र पटेल ने गुजरात में एक और पर्यावरण हितकारी पहल शुरू कराई है। मुख्यमंत्री पटेल ने बुधवार को ऊंझा में माँ उमिया संस्थान द्वारा आयोजित ध्वजा महोत्सव तथा दाताओं के सम्मान अवसर पर उमिया माताजी मंदिर में क्लोथ बैग वेंडिंग मशीन में पाँच रुपए का सिक्का डाला और कपड़े की थैली प्राप्त कर इस मशीन का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री के दिशादर्शन में गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) द्वारा गुजरात को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में और लोगों में प्लास्टिक के उपयोग को लेकर जागृति लाने के लिए अनूठी पहल शुरू की गई है। इस पहले के अंतर्गत राज्य के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक की थैली के उपयोग के विकल्प के रूप में पर्यावरणानुकूल कपड़े की थैली में प्रसाद के लिए अनूठी वेंडिंग मशीन लगाई गई है।

अंबाजी, सोमनाथ, द्वारका, शामळाजी, साळंगपुर तथा इस्कॉन जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर ऐसी मशीनें लगाई गई हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को अब कपड़े की थैली में ही प्रसाद मिलता है। इस मशीन में पाँच रुपए का सिक्का डाल कर या क्यूआर कोड स्कैन करके की थैली प्राप्त की जा सकती है।

मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से इन मशीनों के माध्यम से कपड़े की थैली के उपयोग को व्यापक प्रतिभाव मिल रहा है। अब तक 5 हजार से अधिक कपड़े की थैलियों का वितरण हुआ है।

दर्शनार्थी इस मशीन में 5 रुपए का सिक्का डाल कर ऑटोमैटिक मशीन द्वारा बहुत ही कम दाम पर कपड़े की थैली प्राप्त कर सकें, ऐसी व्यवस्था स्थापित की गई है। आगामी समय में जीपीसीबी द्वारा इस प्रकार की और मशीनें समग्र राज्य में लगाए जाने का आयोजन है।

जीपीसीबी ने प्लास्टिक बोतल क्रशिंग के लिए ऑटोमैटिक रिवर्स वेंडिंग मशीनें भी लगाईं
सभी जानते हैं कि पीने के पानी की प्लास्टिक की बोतल का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। लोग पानी पीने के बाद प्लास्टिक की बोतल को जहाँ-तहाँ फेंक देते हैं, जिसके कारण प्लास्टिक कूड़े की समस्या पैदा होती है।

जीपीसीबी ने उद्योगों के सहयोग से इस समस्या का हल निकाला है। राज्य के सात मुख्य एसटी बस स्टेशनों अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, भावनगर, जामनगर, भरूच तथा सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक बोतल की रिवर्स वेंडिंग मशीन लगाई गई है। इस मशीन से मौके पर ही बोतल की क्रशिंग हो सकती है तथा उसका सीधा लाभ नागरिकों को मिले, ऐसी व्यवस्था की गई है।

जीपीसीबी की इस पहले के अंतर्गत कोई नागरिक प्लास्टिक की बोतल जैसे ही इस वेंडिंग मशीन में डालता है कि तुरंत ही मशीन द्वारा उसे क्रश किया जाता है और उस नागरिक को एक रुपए की कूपन मशीन से ही प्राप्त होता है। नागरिकों को उनके इस सद्व्यवहार पर प्रोत्साहक कूपन मिलता है। इस कूपन का निकटस्थ दुकान में किसी भी वस्तु की खरीदारी के समय किया जा सकता है।

ये सभी मशीनें गत 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यरत की गई हैं। तब से लेकर अब तक में इन मशीनों से लगभग 9500 बोतलों को क्रश किया गया है।

सिंगल यूज प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के विरुद्ध सरकार के प्रयास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2019 में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की थी। इसके अलावा वर्ष 2021 में भारत सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमों में सुधार किए हैं। इन सुधारों के तहत प्लास्टिक कैरी बैग की मोटाई वर्ष 2021 से 50 माइक्रोन से बढ़ा कर 75 माइक्रोन तथा 31 दिसंबर, 2022 से 120 माइक्रोन कर दी गई है।

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