कच्छ जिले में चाडवा रखाल में 10 करोड़ रुपए की लागत से कैराकल ब्रीडिंग एंड कंजर्वेशन सेंटर का निर्माण होगा

गांधीनगर:  राज्य सरकार कच्छ जिले के सामत्रा गाँव के निकट स्थित चाडवा रखाल क्षेत्र में कैराकल (स्याहगोश-एक प्रकार की जंगली बिल्ली) ब्रीडिंग एंड कंजर्वेशन सेंटर विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए आवंटित करेगी।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कच्छ जिले के मांडवी में शुक्रवार को श्यामजी कृष्ण वर्मा स्मारक परिसर में आयोजित एक समारोह में यह घोषणा की।

समग्र देश में अति दुर्लभ एवं गुजरात में केवल कच्छ जिले में पाए जाने वाले कैराकल के दीर्घकालीन संरक्षण तथा संवर्धन के लिए इस क्षेत्र को कैराकल प्रजनन-संरक्षण क्षेत्र के रूप में व्यवस्थापित किया जाएगा।
कच्छ की महत्वपूर्ण धरोहर समान इस चाडवा रखाल में कैराकल के अलावा तेंदुए, मगरमच्छ, चिंकारा, सियार, लोमड़ी, बिज्जू जैसे 28 सस्तन, 28 सरिसृप एवं 242 विहंग प्रजाति सहित कुल 296 प्रजातियों के प्राणियों की विविधता पाई जाती है। इतना ही नहीं, लगभग 243 प्रजातियों की वनस्पतीय विविधता भी इस क्षेत्र में है।

वन्यजीव एवं वानस्पतिक शोधकर्ताओं के लिए पोटेंशियल से युक्त इस क्षेत्र में इको-टूरिज्म एक्टिविटी के विकास की भी संभावना है। मांडवी में आयोजित समारोह में कच्छ के पूर्व राजवी परिवार ने मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में इस चाडवा रखाल की 4900 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व अधिकार राज्य सरकार को सौंपा।

राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने प्राकृतिक सम्पदा के संरक्षण-संवर्धन के लिए चाडवा रखाल की यह भूमि वन विभाग को सौंपी है।

पटेल ने चाडवा रखाल क्षेत्र में कैराकल ब्रीडिंग एंड कंजर्वेशन सेंटर विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए आवंटित कर हाल में चल रहे वन्यजीव सप्ताह महोत्सव के दौरान महत्वपूर्ण भेंट दी है।

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