मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय महिला सम्मेलन में वडोदरा की गरिमा मालवंकर विशेष आमंत्रित वक्ता

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के जश्न के हिस्से के रूप में, मुंबई स्थित प्रतिष्ठित महिला विश्वविद्यालय एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय और महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा दक्षिण मुंबई के चर्चगेट परिसर में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

इस सम्मेलन में वडोदरा शहर से गरिमा मालवंकर को अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया और मीडिया क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उज्वला चक्रदेव, प्रो.  कुलपति रूबी ओझा, अध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे, रजिस्ट्रार डॉ. विकास नांदवेडकर, भारतीय ज्ञान केंद्र के निर्देशक जीतेन्द्र कुमार तिवारी की विशेष उपस्थिति में ‘राष्ट्रीय निर्माण में राष्ट्रीय महिलाओं का योगदान’ विषय पर जागरण प्रकल्प नारी से नारायणी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिसमें गरिमा मालवंकर ने मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों जैसे प्रिंट, रेडियो, प्रसारण, फिल्म, सरकार और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपने अनुभव के बारे में छात्रों को संबोधित किया।  खासकर हिंदी साहित्य के जाने-माने चेहरों, कवियों, लेखकों, शिक्षाविदों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में छात्रों से खचाखच भरे सभागार में आमंत्रित वक्ता के तौर पर गरिमा मालवंकर ने ‘भारतीय मीडिया में महिला की बढ़ती और बदलती भूमिका’ विषय पर भाषण दिया.

यहां बता दें कि महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी और एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, मुंबई द्वारा एक विशेष पुस्तक तैयार की जाएगी, जिसमें गरिमा द्वारा प्रस्तुत आलेख भी शामिल होगा।

निदेशक जीतेन्द्र कुमार तिवारी, प्रोफेसर रवीन्द्र कात्यायन एवं प्रख्यात बैंकर एवं हिन्दी लेखक डॉ. के के पांडे ने गरिमा मालवंकर को मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।

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