गुजरात को 5-जी बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने वाला बजट: पटेल

गांधीनगर:  मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को वर्ष 2024-25 के बजट को 5-जी गुजरात बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने वाला बजट बताया है। राज्य के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई द्वारा आज विधानसभा में पेश किए गए राज्य के बजट का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “यह बजट पूरे समाज के सर्वग्राही विकास के साथ विशेषकर गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को प्राथमिकता देकर उनके विकास को प्रोत्साहित करने वाला बजट है।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले वर्ष हमने ऐतिहासिक तीन लाख करोड़ रुपए का विकासोन्मुखी बजट दिया था। इस वर्ष एक बार फिर हम उसमें 10 फीसदी की वृद्धि कर जनता की सेवा में तीन लाख 32 हजार करोड़ रुपए के प्रावधान वाला बजट लेकर आए हैं।” मुख्यमंत्री ने गुजरात द्वारा विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन का शानदार उदाहरण पेश किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात का सार्वजनिक ऋण अब तक के वर्षों में सबसे कम रहा है। वर्ष 2022-23 के अंतिम हिसाब-किताब के अनुसार राज्य का कुल ऋण उसके राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 15.17 फीसदी है। यह पिछले दस वर्षों का सबसे कम ऋण है और इस तरह गुजरात ने देश के सबसे कम ऋण लेने वाले तीन बड़े राज्यों में स्थान हासिल किया है।

गुजरात के राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम के अनुसार विधानसभा ने राज्य सरकार को जीएसडीपी के 27 फीसदी की सीमा तक ऋण बढ़ाने की छूट दी है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने केवल 15.17 फीसदी का ही उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि देश के 21 राज्यों में जहां यह आंकड़ा 27 फीसदी से अधिक है, वहीं गुजरात ने वित्तीय अनुशासन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है।
श्री पटेल ने गुजरात को आने वाले दिनों में 5-जी गुजरात बनाने की दिशा पर आगे बढ़ने की बात करते हुए इसकी अवधारणा पर रोशनी डाली और कहा कि 5-जी अर्थात- अन्य प्रदेशों से श्रेष्ठ हो, ऐसा गौरवशाली गुजरात बने। राज्य मूल्य-आधारित नागरिक जीवन, पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण वाला गुणी बने। नवीकरणीय ऊर्जा और चक्रीय अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देने वाला ग्रीन गुजरात बने। पूरी दुनिया के साथ आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़ा ग्लोबल राज्य बने। अन्य प्रदेशों के मुकाबले वृद्धि दर अधिक हो तथा बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भी आर्थिक रूप से अग्रणी रहे ऐसा गतिशील गुजरात हो।

उन्होंने ‘सुपोषित गुजरात मिशन’ की घोषणा का स्वागत किया है, जिसके अंतर्गत 5-जी गुजरात में हमारी भावी पीढ़ी के स्वस्थ एवं तंदुरुस्त जीवन, विशेषकर माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने ‘स्वस्थ, समृद्ध और विकसित गुजरातएट2047’ में किशोरियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि हमने ऐसी बेटियों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा, तीनों को प्रोत्साहित करने का समग्र दृष्टिकोण अपनाया है। इसके लिए तीन नई योजनाओं ‘नमो लक्ष्मी योजना’, ‘नमो सरस्वती योजना’ और ‘नमोश्री योजना’ की घोषणा की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का संदेश घर-घर में गुंजायमान कर स्वच्छता के जनआंदोलन के जरिए स्वच्छ भारत की जो प्रतिबद्धता दिखाई है। उसे गुजरात में गति देने के लिए ‘निर्मल गुजरात 2.0 अभियान’ के लिए इस वर्ष के बजट में दोगुना वृद्धि की गई है और 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों के योजनाबद्ध विकास के लिए नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आणंद, मेहसाणा तथा सुरेन्द्रनगर/वढवाण सहित सात नगर पालिकाओं को महानगर पालिका का दर्जा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद की साबरमती नदी का संपूर्ण कायापलट कर रिवरफ्रंट के माध्यम से उसे एक वैश्विक पहचान दिलाई है। उनके विजन के अनुरूप इस रिवरफ्रंट को गांधीनगर तथा गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समूचा रिवरफ्रंट ट्राई सिटी के रूप में अहमदाबाद, गांधीनगर और गिफ्ट सिटी की अनूठी विकास पहचान में एक नया मील का पत्थर बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 38 किलोमीटर लंबाई वाला यह साबरमती रिवरफ्रंट दुनिया के सबसे लंबे और खूबसूरत रिवरफ्रंट का गौरव हासिल करेगा।

मुख्यमंत्री ने सर्वांगीण और सर्वसमावेशी विकास के जरिए ‘विकसित गुजरातएट2047’ की दिशा दिखाने वाला और विकसित भारत के निर्माण में विकसित गुजरात को आगे रखने वाला राजस्व अधिशेष बजट देने के लिए वित्त मंत्री और उनकी टीम को बधाई दी।

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