बुलेट ट्रेन प्रणाली में लगेंगे 28 सिस्मोमीटर, आरंभिक भूकंपीय हलचलों को भांप कर ट्रेन के कंट्रोल रूम को कर देंगे सचेत

नयी दिल्ली: अहमदाबाद से मुंबई के बीच निर्माणाधीन देश की पहली हाईस्पीड रेलवे प्रणाली में सुरक्षा के लिए भूकंपमापी उपकरण लगाये जाने का फैसला हुआ है।

राष्ट्रीय हाईस्पीड रेल निगम के अनुसार इस पूरी 507 किलोमीटर की लाइन में 28 भूकंपमापी यंत्र लगाये जाएंगे जो आरंभिक भूकंपीय हलचलों को भांप कर ट्रेन के कंट्रोल रूम को सचेत कर देंगे और जरूरत पड़ने पर ट्रेनों को तुरंत राेक दिया जाएगा। इस प्रकार से भूकंप से यात्रियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

जापानी शिंकानसेन तकनीक पर आधारित यह प्रारंभिक भूकंप जांच प्रणाली, प्राथमिक तरंगों के माध्यम से भूकंप-प्रेरित झटकों का पता लगाएगी और स्वचालित बिजली प्रवाह को बंद कर देगी। बिजली बंद होने का पता चलने पर आपातकालीन ब्रेक सक्रिय हो जाएंगे और प्रभावित क्षेत्र में चलने वाली ट्रेनें रुक जाएंगी।

ये 28 सिस्मोमीटर में से 22 को लाइन के साथ स्थापित किया जाएगा। आठ महाराष्ट्र में होंगे – मुंबई, ठाणे, विरार और बोइसर – और चौदह गुजरात में – वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, महेमदाबाद और अहमदाबाद होंगे। लाइन के साथ ट्रैक्शन सब-स्टेशनों और स्विचिंग पोस्ट में सिस्मोमीटर स्थापित किए जाएंगे।

शेष छह सिस्मोमीटर भूकंप के संभावित क्षेत्रों – महाराष्ट्र में खेड़, रत्नागिरी, लातूर और पांगरी और गुजरात में अदेसार और पुराने भुज में स्थापित किए जाएंगे। यह बात जापानी विशेषज्ञों द्वारा किये गये सर्वेक्षण में पता चली है कि इन स्थानों पर हाईस्पीड रेललाइन के आसपास के क्षेत्र में पिछले 100 वर्षों में 5.5 तीव्रता से अधिक के भूकंप आए हैं।

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