गुजरात सस्टेनेबल फ्चूयर के लिए देश का नेतृत्व करने में सक्षम

गांधीनगर: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रीन ग्रोथ तथा एनर्जी ट्रांजिशन के जो तीन मुख्य आधार कहे हैं, उनमें आगे बढ़ते हुए गुजरात सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए देश का नेतृत्व करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए तीन ध्येय ‘रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन बढ़ाना, इकोनॉमी में फोसिल फ्यूल का उपयोग घटाना और गैस आधारित इकोनॉमी की ओर आगे बढ़ना’, गुजरात की प्राथमिकता है।

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 के दूसरे दिन गुरुवार को आयोजित ‘रिन्यूएबल एनर्जी-पाथवे टू अ सस्टेनेबल फ्यूचर’ में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने यह बात कही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विजनरी लीडरशिप के बारे में भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा समय से दो कदम पहले सोचा। जब देश में सोलर एनर्जी की केवल बातें होती थीं, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में चारणका के रण (रेगिस्तान) प्रदेश में एशिया के प्रथम सोलर पार्क की नींव डाली थी।

उन्होंने कहा कि गुजरात ने फोसिल फ्यूअल आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता को कम कर सौर एवं अक्षय ऊर्जा से ऊर्जा आत्मनिर्भरता के प्रधानमंत्री के संकल्प को दो दशक में साकार किया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ के विचार के साथ ग्रीन ग्रोथ को प्राथमिकता देकर भारत ने इकोनॉमी तथा इकोलॉजी का बैलेंस बनाए रखते हुए विश्व के समक्ष बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। हाल ही में भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी के तहत सभी देशों ने सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए ग्रीन डेवलपमेंट पैक्ट पर सहमति दर्शाई है।

गुजरात की रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों का वर्णन करते हुए भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की गति के कारण आज गुजरात देश में रिन्यूएबल ऊर्जा क्षेत्र में अग्रसर बना है।  देश की कुल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन कैपेसिटी में राज्य का योगदान लगभग 16 प्रतिशत है। 11 गीगावॉट विंड इन्स्टॉल्ड कैपेसिटी के साथ गुजरात देश में विंड एनर्जी तथा सोलर रूफटॉप इन्स्टॉलेशन में देश में शीर्ष स्थान पर है।


नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गुजरात के बढ़ते कदम

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गुजरात देश भर में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उद्दीपक कार्य किया है। सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात में एक के बाद एक मेगा प्रोजेक्ट क्रियान्वित हो रहे हैं। आज आयोजित एक सेमिनार में सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में 40,000 मेगावॉट से अधिक बिजली उत्पन्न करने के लिए एमओयू किए गए हैं। जिसमें 1.50 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया जायेगा। इन प्रोजेक्ट्स से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इन प्रोजेक्ट्स का विवरण नीचे दिया गया है.

1.कच्छ में 500 मेगावाट के सोलर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के लिए SECI (भारतीय सौर ऊर्जा निगम) के साथ समझौता ज्ञापन

  1. बनासकाँठा में 700 मेगावॉट के सोलर पीवी प्रोजेक्ट के लिए एसईसीआई के साथ समझौता
  2. धोलेरा, खावडा तथा बनासकाँठा में रिन्यूएबल एनर्जी का 70,000 करोड़ रुपए की लागत से 10,000 मेगावॉट का प्लांट स्थापित करने के लिए टाटा पावर के साथ समझौता
  3. जामखंभाळिया, खावडा भुज, बनासकाँठा में 6000 मेगावॉट के प्लांट के लिए 35,000 करोड़ रुपए का समझौता
  4. राज्य में विभिन्न स्थानों पर 6675 मेगावॉट के रिन्यूएबल एनर्जी पार्क स्थापित करने के लिए गुजरात स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीएसईसीएल) के साथ 20,080 करोड़ रुपए का समझौता
  5. राज्य में 2.5 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी के लिए ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट तथा 400 मेगावॉट सोलर पार्क स्थापित करने के लिए सोलर डाइरेक्ट एनर्जी इंडिया के साथ 17,200 करोड़ रुपए का समझौता
  6. ओपेरा एनर्जी के साथ राज्य के विभिन्न स्थानों पर 500 मेगावॉट के पार्क स्थापित करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए का समझौता

8. धोलेरा में 2.8 गीगावॉट प्लांट के लिए 3,800 करोड़ रुपए का समझौता।


मुख्यमंत्री ने रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में गुजरात के इन सभी कदमों को मिशन लाइफ के जरिये स्वच्छ पर्यावरण एवं नागरिकों को गुणवत्तायुक्त जीवनशैली के प्रधानमंत्री के विचार का पूरक बताया। उन्होंने कच्छ के खावडा में निर्माणाधीन रिन्यूएबल एनर्जी पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 गीगावॉट का सोलर एंड विंड एनर्जी पार्क विश्व का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क है। यह एनर्जी पार्क लगभग वर्ष 2025 तक कार्यान्वित हो जाएगा। गुजरात रिन्यूएबल ऊर्जा के उत्पादन के साथ-साथ एनर्जी स्टोरेज पर भी कार्य कर रहा है।

उन्होंने सेमिनार में गुजरात की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी की जानकारी देते हुए कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस फ्रेंड्ली पॉलिसीज तथा रिन्यूएबल एनर्जी के लिए अनुकूल लैंडस्केप के कारण गुजरात इस क्षेत्र के निवेशकों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन फॉर इन्वेस्टमेंट बना है।

उन्होंने कहा कि देश के अमृतकाल वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी के अधिकाधिक उत्पादन द्वारा आत्मनिर्भरता प्राप्त कर भावी पीढ़ियों को स्वच्छ व सुंदर पर्यावरण से युक्त पृथ्वी देने का कमिटमेंट पूरा करने का आह्वान किया।

ऊर्जा मंत्री कनुभाई देसाई ने कहा कि गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने को प्रतिबद्ध है। आज गुजरात ने सौर एवं पवन ऊर्जा सेक्टर में समग्र विश्व का ध्यानाकर्षित किया है। गुजरात सरकार रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में गुजरात को हब बनाने तथा वैश्विक मानचित्र पर प्रस्थापित करने के उद्देश्य के साथ कार्य कर रही है। आज जब समग्र विश्व ग्लोबल वॉर्मिंग का सामना कर रहा है, तब गुजरात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्बन उत्सर्जन घटाने के ध्येय को पूरा करने के लिए कार्य कर रहा है।

केन्द्रीय रिन्यूएबल एनर्जी विभाग के राज्य मंत्री श्री भगवंत खूबा ने गुजरात द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में की गई प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता साकार हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत वर्ष 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में 300 गीगावॉट का लक्ष्य हासिल करेगा।

सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष आर. पी. गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के जब 100 वर्ष पूर्ण होंगे, तब रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन में 2000 गीगावॉट का लक्ष्य प्राप्त कर आगामी पीढ़ी को स्वच्छ एवं स्वस्थ पृथ्वी की भेंट दी जानी चाहिए। सुजलॉन कंपनी के उपाध्यक्ष गिरीश तंती ने कहा कि आज देश की कुल पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता में केवल 8 प्रतिशत क्षमता का ही उपयोग (हार्नेस) किया जा रहा है, जबकि 92 प्रतिशत क्षमता का उपयोग करना अभी शेष है, जबकि सौर ऊर्जा क्षमता में भी केवल 30 प्रतिशत का उपयोग रहा है, जबकि 70 प्रतिशत का उपयोग शेष है।

इस कार्यक्रम में ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल विभाग की सचिव ममता वर्मा, गुजरात ऊर्जा विकास निगम के एमडी जयप्रकाश शिवहरे, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन कुमार बेरी, फ्यूचरिया के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रेबेका ग्रोएन, वेलस्पन न्यू एनर्जी के एमडी तथा सीईओ कपिल महेश्वरी, ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल के कंट्री डाइरेक्टर फ्रांसिस जयसूर्या सहित अन्य महानुभाव, उद्यमी आदि उपस्थित रहे।

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