वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण की ग्लोबल बिजनेस लीडर्स ने की प्रशंसा
लक्ष्मी मित्तल :
आर्सेलर मित्तल के चेयरमेन लक्ष्मी मित्तल ने पिछले वर्ष सितंबर में वाइब्रेंट गुजरात की 20वीं वर्षगांठ की विज़िट को याद किया और वाइब्रेंट गुजरात समिट के मेगा ग्लोबल इवेंट के लिए संस्थागत ढांचा खड़ा करने की प्रक्रिया जारी रखने पर प्रधानमंत्री की प्रशंसा की। मित्तल ने इस अवसर पर कहा कि गुजरात वर्षों से पॉलिसी ड्रिवन स्टेट रहा है और इसके परिणामस्वरूप गुजरात भी भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचार और कल्पना से शुरू हुआ यह वाइब्रेंट समिट आज एक वैश्विक समिट बनी है। आर्सेलर मित्तल, हजीरा में स्टील उत्पादन के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है जिसका पहला चरण वर्ष 2026 में पूरा होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए भी MoU हो चुका है। यह समग्र प्रोजेक्ट वर्ष 2029 तक पूर्ण होगा। उन्होंने एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के सिद्धांतों में प्रधानमंत्री के विश्वास और हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर साउथ ग्लोबल की आवाज को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। मित्तल ने अपने संबोधन में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे ग्रीन क्षेत्रों में निवेश के सम्बन्ध में भी बात की।
तोशीहिरो सुजुकी :
सुजुकी के अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऑटोमोबाइल उद्योग का विकास हो रहा है और देशभर में ऑटोमोबाइल उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि देखने को मिली है। भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन गया है इस संदर्भ में जानकारी देते हुए सुजुकी ने देश के आर्थिक विकास पर प्रधानमंत्री के प्रगतिशील अभिगम के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने इथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और गाय के गोबर से बायोगैस के उत्पादन के माध्यम से ग्रीनहाउस उत्सर्जन में कमी लाने में योगदान देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने सुजुकी ग्रुप, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और बनास डेयरी के साथ मिलकर बायोगैस उत्पादन शुरू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुजुकी द्वारा गुजरात में 4 बायोगैस संयंत्रों का निर्माण शुरू कर दिया है।
मुकेश अंबानी :
रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वाइब्रेंट गुजरात को विश्व की सबसे प्रतिष्ठित इन्वेस्टमेंट समिट बताते हुए कहा कि इस प्रकार का कोई अन्य समिट लगातार 20 वर्षों से नहीं चल रहा है और मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी दूरदर्शिता और निरंतरता के लिए बधाई के पात्र हैं।
मुकेश अंबानी ने गुजराती मूल के लोगों पर गर्व व्यक्त करते हुए गुजरात की कायापलट का श्रेय प्रधानमंत्री को दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री बोलते हैं तो दुनिया केवल सुनती ही नहीं है, बल्कि उसकी सराहना भी करती है। उन्होंने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री द्वारा असंभव को संभव बनाए जाने तथा इसी कारण ‘मोदी है, तो मुमकिन है’ कहे जाने को बहुत ही अच्छे प्रसंग के साथ समझाया।
रिलायंस ने समग्र भारत में वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल इस्टेट्स बनाने के लिए पिछले 10 वर्षों में 150 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है, जिसमें से एक तिहाई से अधिक का निवेश मात्र गुजरात में किया गया है। मुकेश अंबानी ने गुजरात से 5 वादे किए। पहला, रिलायंस आगामी 10 वर्षों में महत्वपूर्ण निवेश के साथ गुजरात की विकास गाथा में अग्रणी भूमिका निभाना जारी रखेगा, विशेष रूप से गुजरात को ग्रीन ग्रोथ में वैश्विक अग्रणी बनाने में मुख्य भूमिका निभाएगा। जामनगर में 5000 एकड़ का धीरूभाई एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है जो 2024 की दूसरी छमाही में ही कार्यरत होने के लिए तैयार हो जाएगा। 5G के सबसे तेज रोल आउट के कारण आज गुजरात पूर्ण रूप से 5G सक्षम है।
इससे गुजरात डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने में अग्रणी बनेगा। रिलायंस रीटेल गुणवत्ता युक्त उत्पादन लाने तथा लाखों किसानों एवं छोटे व्यापारियों के लिए मददगार कदमों को जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि रिलायंस गुजरात को नई सामग्री और सर्कुलर इकोनॉमी में अग्रणी बनाएगा। यह समूह हजीरा में विश्व स्तरीय कार्बन फाइबर सुविधा स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के इरादे की घोषणा के अनुरूप, रिलायंस और रिलायंस फाउंडेशन गुजरात में खेल, शिक्षा और कौशल बुनियादी ढांचे में सुधार के प्रयासों में कई अन्य भागीदारों के साथ जुडेगा।
प्रधानमंत्री पहले कहते थे कि ‘भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास’, अब प्रधानमंत्री के रूप में आपका मिशन वैश्विक विकास के लिए भारत का विकास करना है। मात्र दो दशकों में गुजरात से वैश्विक मंच तक के आपके सफर की यह कहानी किसी आधुनिक महाकाव्य से कम नहीं है। आपकी राष्ट्रवादी छवि और अब अंतरराष्ट्रीयवादी छवि दोनों के लिए भावी पीढ़ियाँ आपकी आभारी रहेंगी। आपने विकसित भारत की मजबूत नींव रखी है। पृथ्वी की कोई भी शक्ति भारत को 2047 तक 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने से नहीं रोक सकती। गुजरात भी इसमें 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का योगदान देगा। हर गुजराती और हर भारतीय को विश्वास है कि मोदी युग भारत को समृद्धि, प्रगति और इसे गौरव की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”
संजय मेहरोत्रा:
माइक्रोन टेक्नोलॉजीस, के CEO संजय मेहरोत्रा ने देश को सेमीकंडक्टर उत्पादन की शुरुआत करने के दृष्टिकोण के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि चूंकि भारत दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में यह भविष्य में एक प्रमुख आर्थिक चालक बनेगा।
वाइब्रेंट गुजरात समिट सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत के पॉवरहाउस बनने के महत्वपूर्ण दूरदर्शी विचार को प्रस्तुत करता है और इस क्षेत्र में विकास के कई अवसरों पर भी प्रकाश डालता है। उन्होंने इस सुविधा के लिए टाटा प्रोजेक्ट्स के साथ संरचित भागीदारी का उल्लेख करते हुए गुजरात में विश्व स्तरीय मेमोरी असेंबली और टेस्ट सुविधा स्थापित करने में मदद करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि 5,00,000 वर्ग फुट को समाविष्ट करने वाला पहला चरण 2025 की शुरुआत में कार्यरत हो जाएगा, जिससे आगामी वर्षों में 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार और 15,000 अतिरिक्त सामुदायिक रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा, “दोनों चरणों में माइक्रोन और सरकार का संयुक्त निवेश 2.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।” उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत में निवेश में अग्रणी भूमिका निभाने में कंपनी की भूमिका को रेखांकित करते हुए अपने संबोधन को समाप्त किया।
गौतम अदाणी:
अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अब तक के सभी संस्करणों में शामिल होने पर गर्व की भावना व्यक्त की। गौतम अदाणी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली, महत्वाकांक्षाओं, सुशासन तथा कड़े क्रियान्वयन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक भारत की जीडीपी में 18.5 प्रतिशत तथा प्रति व्यक्ति आय में 165 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो विशेषकर भौगोलिक, राजनीतिक अस्थिरता तथा महामारी की चुनौतियों से घिरे युग में उल्लेखनीय है। उन्होंने वैश्विक मंच पर अपनी आवाज बुलंद करने की इच्छा रखने वाले देश से अब वैश्विक मंच का निर्माण करने वाले देश तक की भारत की यात्रा पर प्रकाश डाला।
भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत तथा प्रधानमंत्री के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि अधिक सर्वसमावेशी वैश्विक व्यवस्था के लिए मानदंड स्थापित हुए हैं। यह भारतीय इतिहास में एक निर्णायक क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व का सबसे तेजी से विकसित होने वाला राष्ट्र बनाने, वसुधैव कुटुम्बकम् तथा विश्व गुरु की फिलोसॉफी से प्रेरित देश को वैश्विक स्तर पर सोशल चैम्पियन के रूप में स्थापन दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के प्रधानमंत्री के विजन के कारण आज का भारत आने वाले कल के वैश्विक भविष्य को आकार देने को सज्ज है। उन्होंने बताया कि राज्य में उनके द्वारा पूर्व में घोषित 2025 तक 55,000 करोड़ रुपए के निवेश के समक्ष अब तक 50,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा चुका है।
उन्होंने स्वच्छ भारत के लिए ग्रीन सप्लाई चेन की ओर विस्तार करने और सौर पैनल्स, विंड टर्बाइन, हाइड्रो इलेक्ट्रोलाइजर्स, ग्रीन अमोनिया, पीवीसी सहित सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम स्थापित करने और कॉपर व सीमेंट प्रोजेक्ट्स में विस्तार के विषय में भी बात की। उन्होंने अदाणी समूह की गुजरात में आगामी 5 वर्ष में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना की जानकारी दी, जिससे 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष-परोक्ष रोजगार का सृजन होगा।
जेफरी चुन:
दक्षिण कोरिया स्थित सिमटेक के CEO जेफरी चुन ने सेमीकंडक्टर एसेम्बली तथा टेस्ट सुविधाओं में मुख्य सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में गुजरात राज्य में अपने मुख्य ग्राहक माइक्रोन के प्रोजेक्ट के चलते को-लोकेशन इन्वेस्टमेन्ट के रूप में अपने भारत प्रोजेक्ट के लिए खुशी और उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश में नए सप्लाई चेन नेटवर्क का निर्माण करने के वैश्विक अभियान में महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों से सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन नेटवर्क में भारत का स्थान आगामी समय में मजबूत होगा तथा भारत वैश्विक इकोसिस्टम का भाग बनने में सक्षम बनेगा।
एन. चंद्रशेखरन:
एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस लिमिटेड ने कहा कि, ‘इतने लंबे समय तक गुजरात की स्थिर और अद्भुत प्रगति हमारे दूरदर्शी नेतृत्व और हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को स्पष्ट रूप से दिखाती है।’ उन्होंने कहा कि, आर्थिक विकास के परिणामस्वरूप जबरदस्त सामाजिक विकास भी हुआ है और गुजरात ने स्पष्ट रूप से स्वयं को भविष्य के प्रवेश द्वार (गेटवे टू द फ्यूचर) के रूप में स्थापित किया है।
उन्होंने टाटा समूह के संस्थापक जमशेद जी टाटा के नवसारी में हुए जन्म का स्मरण करते हुए गुजरात में टाटा समूह की उत्पत्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज राज्य में टाटा समूह की 21 कंपनियों की मजबूत उपस्थिति है। उन्होंने गुजरात में ईवी वाहनों, बैटरी उत्पादन, सी295 डिफेंस एयरक्राफ्ट और सेमीकंडक्टर फैब, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, स्किल बिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में समूह के विस्तार की योजना के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि, ‘टाटा समूह के लिए गुजरात सबसे महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन में से एक है और हम इसकी विकास यात्रा में अहम भूमिका निभाएंगे।’
सुल्तान अहमद बिन सुलेयम:
DP वर्ल्ड के चेयरमैन सुल्तान अहमद बिन सुलेयम ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के लिए प्रधानमंत्री का विजन साकार होने से मुझे खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने इस समिट के आयोजन के लिए गुजरात सरकार को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट भारत के प्रतिष्ठित बिजनेस फोरम के रूप में विकसित हुआ है और यह प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के अनुसार कार्यरत है। उन्होंने सरकार को गिफ्ट सिटी, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन और गुजरात मैरीटाइम क्लस्टर जैसे विभिन्न औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने और उन्हें बढ़ावा देने का श्रेय दिया, और कहा कि ये भविष्य के प्रवेश द्वार के रूप में काम करेंगे।
उन्होंने भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2017 से अब तक 2.4 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने वाला यूएई गुजरात के सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है। उन्होंने यह उल्लेख भी किया कि गुजरात ने गत वर्ष 7 अरब अमेरिकन डॉलर डॉलर से अधिक मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया था। दुनिया में सबसे तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के रूप में भारत को ध्यान में रखते हुए सुलेयम ने कहा कि, प्रधानमंत्री के मजबूत नेतृत्व में यह वृद्धि जारी रहेगी। उन्होंने गति शक्ति जैसी निवेश की पहल को भी श्रेय दिया, जो भारत और गुजरात को आर्थिक पावरहाउस के रूप में उनकी संभावनाओं को समझने में मदद करेगी।
उन्होंने गुजरात के कंडला में 20 लाख कंटेनर की क्षमता वाले अत्याधुनिक कंटेनर टर्मिनल्स में निवेश और विकास के लिए DP वर्ल्ड की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारत सरकार के साथ देश के लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में भागीदारी करने पर गर्व की भावना व्यक्त की और वाइब्रेंट गुजरात समिट में शामिल होने का अवसर प्रदान करने के लिए गुजरात सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
शंकर त्रिवेदी:
एनविडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शंकर त्रिवेदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव की बात करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री इस बात को लेकर बहुत ही सजग हैं। उन्होंने बताया कि एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग को भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों एवं नेताओं को इस संबंध में जानकारी देने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि, यह पहली बार है कि जब किसी वैश्विक नेता ने वास्तव में एआई के बारे में बात की। उन्होंने आगे कहा कि, हम प्रधानमंत्री के आभारी है कि उन्होंने भारत में ही, यहां गुजरात में भी जनरेटिव एआई को अपनाने के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने जनरेटिव एआई के संदर्भ में कौशल विकास में एनविडिया के प्रयासों का भी उल्लेख अपने संबोधन में किया।
निखिल कामथ:
जेरोधा के संस्थापक और सीईओ निखिल कामथ ने पिछले दो दशक में देश के सर्वांगीण विकास पर रोशनी डाली। उन्होंने एक उद्यमी के रूप में अपनी यात्रा की तुलना की और कहा कि पिछले 10 वर्ष अविश्वसनीय रहे हैं। उन्होंने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और छोटे उद्यमियों एवं ई-कॉमर्स के उदय की सराहना की, जो 10 वर्ष पहले मौजूद नहीं थे। उन्होंने भारत में स्टार्टअप्स को विकसित होने और उनके विकास के लिए स्थिर इकोसिस्टम की सुविधा श्रेय प्रधानमंत्री को दिया।