उद्योगपतियों के हित में पटेल ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय
गांधीनगर: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र (जीआईडीसी) में अप्रयुक्त खुले भूखंडों को वापस लेकर उद्योगों की स्थापना के माध्यम से उनका पुनः उपयोग करने के लिए उदार नीति अपनाने का निर्णय लिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार वर्तमान पद्धति के अनुसार उद्योगकारों को उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य की जीआईडीसी में भूमि अधिग्रहण कर पट्टे पर भूमि आवंटित की जाती है। ऐसे आवंटित किए गए भूखंडधारक यदि भूखंड का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं तो वे उस भूखंड को जीआईडीसी को वापस लौटा सकते हैं। ऐसे भूखंड को स्वैच्छिक रूप से वापस लौटाने के मामलों में भूखंडधारक को भूखंड के मौजूदा आवंटन मूल्य की तुलना में बहुत कम राशि वापस मिलती है। ऐसी स्थिति में भूखंडधारक भूखंड को स्वैच्छिक रूप से वापस लौटाने के लिए प्रोत्साहित नहीं होते, इस कारण भूखंड अप्रयुक्त स्थिति में रह जाता है।
पटेल ने अब इस स्थिति का सकारात्मक निवारण करने के लिए उदार नीति अपनाने का निर्णय लिया है। तदनुसार ऐसे भूखंड को वापस लौटाने के मामले में भूखंडधारक को आवंटन के समय भुगतान किए गए भूमि के आवंटन मूल्य और जीआईडीसी के मौजूदा आवंटन मूल्य के अंतर की 75 फीसदी की अधिकतम सीमा में राशि वापस लौटा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय के परिणामस्वरूप राज्य में अलग-अलग जीआईडीसी में अनुमानित 1800 हेक्टेयर अप्रयुक्त भूमि उद्योगों की स्थापना के लिए उपलब्ध होगी। इतना ही नहीं इस निर्णय से आर्थिक विकास के साथ रोजगार सृजन को भी गति मिलेगी।