देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने वाले वीर जवान, देश के विकास की नींव हैं:अमित शाह

रांची: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज झारखंड के हज़ारीबाग में सीमा सुरक्षा बलके 59वें स्थापना दिवस समारोह में सीमा सुरक्षा बल की वार्षिक पत्रिका ‘बॉर्डरमैन’ का भी विमोचन किया। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि के रूप में अमित शाह ने कहा कि जीवनपर्यन्त कर्तव्य बीएसएफ का सिर्फ घोषवाक्य नहीं है बल्कि आज तक 1900 से अधिक सीमा प्रहरियों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर इस वाक्य को चरितार्थ भी किया है। उन्होंने कहा कि लाखों सीमा प्रहरियों ने अपने जीवन का स्वर्णिम काल कठिनतम परिस्थितियों में परिवार से दूर रहकर बिताया है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति के रूप में बीएसएफ ने जिस तरह से देश की दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा की है, उससे पूरा देश सीमा सुरक्षा बल के इन वीर जवानों पर गर्व करता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था, एक सीमा पर एक ही सुरक्षा बल की तैनाती। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश की सबसे दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल को मिली, जिसे बीएसएफ ने बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बर्फीले इलाके, पूर्वोत्तर के पहाड़, गुजरात और राजस्थान के रेगिस्तान हों, गुजरात का दलदली इलाका हो या फिर सुंदरवन और झारखंड के घने जंगल हों, बीएसएफ ने हमेशा मुस्तैद रहते हुए दुश्मन के नापाक इरादों को विफल किया है। सीमा सुरक्षा बल ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेवा और वीरता के नए मानांक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होतीं, वो देश कभी विकसित और समृद्ध नहीं हो सकता।

अमित शाह  ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति की है और ये तभी संभव है जब हमारे वीर जवानों के त्याग, तपस्या, बलिदान और शौर्य से हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने वाले वीर जवान देश के विकास की नींव हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों का जीवन सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ देश के युवाओं को अनुशासन का संदेश भी देता है।

उन्होंने कहा कि आज यहां कुल 23 जवानों को बहादुरी पदक दिए गए हैं और 5 जवानों को मरणोपरांत पदक दिए गए हैं। इन 23 में से 11 जवानों को पुलिस मेडल फॉर गैलंट्री , 1 जवान को जीवनरक्षक पदक और 11 जवानों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक दिए गए हैं।

अमित शाह ने मरणोपरांत पदक प्राप्त करने वाले 5 शहीदों के परिजनों से कहा कि उनके नुकसान की भरपाई कोई नहीं कर सकता लेकिन देश की 130 करोड़ जनता इन शहीदों के बलिदान पर हमेशा गर्व करेगी। उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने 1 महावीर चक्र, 4 कीर्ति चक्र, 13 वीर चक्र और 13 शौर्य चक्र सहित अनेक पदक और पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

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