साबरमती नदी प्रदूषण: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा गठित पैनल ने रिपोर्ट सौंपी, रिपोर्ट में की गई दो सिफारिशों से AMC असहमत
- 11 अक्टूबर को तय अगली सुनवाई तक कुल 672 उद्योगों की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने और ZLD अनुमोदन शर्तों में कोई संशोधन नहीं करने का आदेश
अहमदाबाद शहर के सुएज फार्म, बहेरामपुरा, दानीलिमडा के उद्योग जीरो लिक्विड डिस्चार्ज शर्तों का उल्लंघन कर रहे होने से याचिकाकर्ता और पत्रकार आदित्य सिंह चौहान द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल, वेस्टर्न जोन, पुणे के समक्ष एक पिटीशन दायर की गई थी। अहमदाबाद हैंड स्क्रीन प्रिंटिंग एसोसिएशन (AHSPA) और कर्णावती टेक्सटाइल एसोसिएशन के अंतर्गत विविध इकाइयों को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) शर्तों के अधीन गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) द्वारा अनुमति दी गई थी। जिसका उद्योगो द्वारा पालन नहीं किया गया तथा कोर्पोरेशन की गटरो के माध्यम से डायरेक्ट साबरमती में प्रदूषण फैलाने का मामला संज्ञान में आया था। इसलिए, इस क्षेत्र में उद्योगों द्वारा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालने का गंभीर मामला पाया गया और 20 जुलाई, 2023 को एक ज्वाइंट कमिटी गठित करने और इस क्षेत्र में प्रदूषण के मुद्दे पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया।
जिसके तहत, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अहमदाबाद नगर निगम, गुजरात वन और पर्यावरण विभाग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारियों की एक ज्वाइंट कमिटी द्वारा उल्लेखित क्षेत्र की मुलाकात कर रिपोर्ट बनाई गई। जिसमें पिछले 8 महीनों के दौरान विभिन्न कारखानों में जीपीसीबी द्वारा इस मामले में पक्षकार के रूप में शामिल 55 उद्योगों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें उन उद्योगों को प्रदूषण बोर्ड के CTE और CC&A के प्रावधानों का उल्लंघन करने के साथ ही प्रदूषण भी फैला रहे है वह पाया गया।
बता दें कि ज्वाइंट कमिटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट मे उल्लेखित दो सिफारिशों से AMC असहमत थी, इसलिए ज्वाइंट कमिटी की रिपोर्ट पर AMC अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए गए थे।
AMC समय-समय पर सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के लिए पाइपलाइनों के अवैध इंडस्ट्रियल कनेक्शन को तोड़ने के लिए अभियान चलाती रही है, लेकिन ज्वाइंट कमिटी की रिपोर्ट में की गई दो सिफारिशों से वह असहमत है। AMC को जोइन्ट कमिटि ने अपने रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई थी कि AMC को स्ट्रोम वोटर ड्रेइन्स / ड्रेनेज सिस्टम में अवैध डिस्चार्ज के कनेक्शनों को पहचानने, तोडने और उचित कार्यवाही के लिए ऐसे उद्योगो की जानकारी नियमित रूप से जीपीसीबी के साथ साझा करने की आवश्यकता है और अवैध इंडस्ट्रियल डिस्चार्ज के लिए दानीलिमडा, बहेरामपुरा क्षेत्र में स्ट्रोम वोटर ड्रेइन्स / ड्रेनेज सिस्टम की निरंतर निगरानी करनी चाहिये। जहां इंडस्ट्रियल वेस्ट वोटर आ रहा है ऐसे स्ट्रोम वोटर ड्रेइन/ ड्रेनेज सिस्टम के सम्प पर पीएच की नियमित निगरानी रखकर ऐसे स्थानों की पहचान की जा सकती है। लेकिन AMC ने यह कहते हुए असहमति जताई कि वह आवासीय क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है, न कि औद्योगिक क्षेत्रों की ड्रेनेज के लिए।
इस संबंध में अगली सुनवाई 11 अक्टूबर 2023 को निर्धारित है।