‘जी20 शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधियों के हाथ में दिखेंगे खादी-जूट से बने बैग’

नयी दिल्ली:  जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आ रहे प्रतिनिधियों को राजधानी में सम्मेलन स्थल पर ही देश की समृद्धि हस्तशिल्प परम्पराओं की झांकी दिखायी जाएगी। उनके हाथ में खादी और जूट से बने आकर्षक बैग (थैले) दिखेंगे। प्रगति मैदान के नवनिर्मित भारत मंडपम में 9-10 सितंबर को आयोजित जी20 सम्मेलन के दौरान वहां एक ‘क्राफ्ट बाजार’का आयोजन भी किया जा रहा है , जहां विदेशी देश भर के चुनिंदा हस्तशिल्प तथा विशिष्ट उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे ।

केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासितत क्षेत्रों के शासन/ प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में भारत के प्रसिद्ध हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगायी जाएगी। ये उत्पाद वहां बेचे भी जाएंगे। इसमें कुल 30 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के स्टाल होंगे। भारत की अध्यक्षता में आयोजित किए जा रहे 18वें जी20 सम्मेलन के कार्यक्रमों के परिचालन के लिए गठित विशेष सचिवालय (जी20) आपरेशन्स के विशेष सचिव मुक्तेश के परदेशी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया केंद्र के पास स्थापित किया जा रहा यह क्राफ्ट बाजार आठ सितंबर को अपराह्न शुरू हो जाएगा। अगले दो दिन यह सुबह आठ बजे से शाम तक खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि इसमें प्रदर्शनी में राज्यों द्वारा ‘ एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना , तथा जीआई (भौगोलिक पहचान प्रमाण-पत्र) वाले चुनिंदा विशिष्ट उत्पाद भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इस अयोजन में ट्राइफेड, सेंट्रल कॉटेज एम्पोरियम, खादी ग्रामोद्योग आयोग, राष्ट्रीय बांस मिशन, सारस और राष्ट्रीय अनुसूचित वित्त एवं विकास निगम जैसे केंद्रीय संगठन शामिल होंगे। श्री परदेशी ने बताया कि क्राफ्ट बाजार , ‘क्राफ्ट बाजार से विदेशी प्रतिनिधि परिचित होंगे। यह भारत के हस्तशिल्प उत्पादों की संभावनाओं को विश्वस्तर पर फलाएगा और इससे हमारे दुरदराज के खास कर आदिवासी और मिला दस्तकारों के आर्थिक-सामाजिक विकास की संभावनओं को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा, “ हम जी20 शिखर सम्मेलन के प्रतिनिधियों को जो किट (सूचना सामग्री का थैला) दे रहे हैं वह खादी और जूट का मिश्रण होगा। उसमें रखे जाने वाले नोटबुक का आवरण पर कपड़ा चढ़ा होगा।”

उन्होंने कहा, “भारत में जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बीच एक साल में देश भर में विभिन्न विषयों पर अब तक सभी सम्मेलनों में हमने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति की प्रदर्शनी के साथ साथ देश के ज्ञान-दर्शन, सभ्यता एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया है। विभिन्न सम्मेलनों में इस तरह की लघु प्रदर्शनियां लगायी गयी थी।”

उन्होंने कहा, “ अखिल भारतीय स्तर की प्रदर्शनी है जिसमें एक दो को छोड़ कर सभी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश शामिल हो रहे हैं। इसमें पांच तरह की दस्तकारी की सीधी प्रदर्शनी लगायी जाएगी , जहां दस्तकार आपने कलात्मक काम को करते हुए दिखेंगे। क्राफ्ट बाजार में आगंतुक भारतीय संगीत की मधुर धुनों का आनंद भी उठा सकेंगे और अपने पसंद के सामान को खरीद भी सकेंगे। श्री परदेशी ने बताया कि भारत मंडपम के क्राफ्ट बाजार में पंजाब की फुलकारी एम्ब्रायडरी, कश्मीर की कशीदाकारी, हरियाणा (पानीपत) की पुंजाधुर्री, उत्तराखंड की बिच्छू बूटी, मधुबनी चित्रकला, पश्चिम बंगाल की कांता एम्ब्रायडरी, मणिपुर की कौना टोकरी, असम के हथकरघा उत्पाद, अंडमान-निकोबार के शीप-शंख से बने कलात्मक उत्पाद, कांचीपुरम की साड़ी, तेलंगाना की तेलिया रूमाल, कर्नाटक की कौसूती एम्ब्रायडरी, गोवा के क्रोशिया और लेस के काम वाले उत्पाद, कोल्हापुरी चप्पल, गुजरात के कच्छ और काठियावाड़ की कढ़ाई, राजस्थान की पिछवाई चित्रकला और बंधेज, गुजरात का पाटन पटोला, मध्य प्रदेश की चंदेरी बुनाई और बाग पेन्टिंग , छत्तीसगढ़ की ढोकरा धातु मूर्तिकला, कर्नाटक के बीदरी पात्र, तंजावुर की पेंटिंग, नागालैंड की लोइन करघा बुनाई, ओडिशा की पट्टचित्र छपाई, झारखंड के आदिवासियों के गहने, उत्तर प्रदेश की चिकनकारी और मेघालय के बेंत और बांस के कलात्मक उत्पाद दिखेंगे।

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