सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित, दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
नाहन: हिमाचल सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह प्रतिबंधित किया और इसका किसी भी रूप में प्रयोग करने वाले संस्थान अथवा व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने आज नाहन में हि.प्र. नॉन बायोडिग्रेडेबल एक्ट 1995 के तहत गठित जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्लास्टिक मानवीय जीवन के लिए हानिकारक है और इससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित होने के बावजूद बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग के कुछ मामले संज्ञान में आ रहे हैं जो कि चिंताजनक है।
उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को हर हाल में रोकने के लिए सप्ताह में कम से कम एक या दो बार सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों का औचक निरीक्षण सुनिश्चित बनाया जाये और दोषियों को नियमानुसार दंडित किया जाये। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के नुकसान को देखते हुए जनहित में आम जन को भी अपनी आदतों को बदलना होगा तभी इसका प्रयोग रूक सकेगा।
उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ सरकार ने नॉन वोवन कैरी बैग के इस्तेमाल की गाईडलाईन भी जारी की हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां 60 जीएसएम के नॉन वोवन कैरी बैग के इस्तेमाल की छूट थी वहीं अब प्रथम जनवरी 2023 से 80 जीएसएम से उपर के नॉन वोवन कैरी बैग ही इस्तेमाल में लाये जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अलावा नागरिकों को केवल 80 जीएसएम से उपर के नॉन वोवन बैग ही इस्तेमाल करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले दोषियों के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान किया गया है। दंडनीय प्रावधानों के अनुसार 100 ग्राम तक उल्लंघनकर्ता को 500 रुपये का जुर्माना, 101 ग्राम से 500 ग्राम तक पंद्रह सौ रुपये जुर्माना, 501 ग्राम से एक किलो तक तीन हजार रुपये, एक किलो से पांच किलो तक 10 हजार रुपये तथा 5 किलो से 10 किलो तक 20 हजार रुपये तथा 10 किलो से उपर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।