महोबा में पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का लिया संकल्प
महोबा:उत्तर प्रदेश के महोबा में पर्यावरण प्रेमियों ने बुधवार को रक्षाबंधन का त्योहार अनूठे अंदाज में पेड़ों को राखी बांध उनकी सुरक्षा का संकल्प लेकर मनाया।
सावन की पूर्णिमा के मौके पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आज तड़के यहां गोरखगिरी धाम की परंपरागत परिक्रमा भजनकीर्तन के साथ श्रद्धा और उल्लास के माहौल में पूर्ण की। बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे एवं वृद्ध भी इसमें सम्मलित रहे। इस दौरान करीब पांच किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग में स्थित वृक्षों को राखी बांध कर लोगों ने उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि पेड़ पर्यावरण के रखवाले है। इनका मानव से सृष्टि की रचना के समय से ही सम्बन्ध है। मत्स्य पुराण में एक पेड़ दस पुत्र समान की सूक्ति देकर इनकी महत्वता को इंगित किया गया है। यही वजह रही है कि बुंदेली समाज ने पेड़ो के संरक्षण कार्यक्रम में रक्षाबंधन को शामिल करके इस त्योहार को मनाया। संगीत साधक सिद्ध गोपाल सेन ने बताया कि महोबा का गोरखगिरी धाम की प्रमुख धार्मिक क्षेत्र के रूप में मान्यता स्थापित हुई है। यहां प्रत्येक पूर्णमासी को परिक्रमा के लिए भारी संख्या में भक्तों की भीड़ जुटती है। भक्तों ने परिक्रमा मार्ग के पेड़ो को राखियां बांध कर यहां हरीतिमा बढाने एवं पर्यावरण के संरक्षण का जो संकल्प लिया है वह काबिले तारीफ है।
उल्लेखनीय है कि महोबा का गोरखगिरी धाम सुप्रसिद्ध सन्त गुरु गोरखनाथ की तपस्थली के रूप में विख्यात है। त्रेता युग मे भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के बनवास काल का काफी समय यहां गुजारा था। यहां मौजूद सिद्ध बाबा का गुफानुमा मंदिरए सीता रसोई समेत विभिन्न स्थल इसका प्रमाण है।
गोरखगिरी धाम के पौराणिक एवम धार्मिक महत्व के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां पर्यटन विकास हेतु एक खास कार्ययोजना के माध्यम से सुंदरीकरण एवम विकास के अनेक कार्य शुरू कराये है। गोरखगिरी में करीब ढाई हजार फुट की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए रास्ते को सुगम बनाने के साथ रोप वे निर्माण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।