वनों के संरक्षण व विस्तार के लिए जनता का सहयोग महत्वपूर्णः पठानिया

चंबा: हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने रविवार को कहा कि वन पर्यावरण संरक्षण को बल देते हैं किसी भी क्षेत्र में वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए स्थानीय जनता का पौधारोपण कार्यों में सहयोग महत्वपूर्ण होता है।

पठानिया ने यहां चंपा प्रजाति का पौधा भी रोपित कर 74वें वन मंडल स्तरीय महोत्सव का शुभारंभ किया और डलहौजी वन मंडल डलहौजी के आधिकारिक फेसबुक पेज को लॉन्च किया। जिसमें चंबा शहर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़े व विशेष सुगंध की पहचान रखने वाले चंपा के पौधे के संरक्षण व संवर्धन को मजबूती प्रदान करने को इंगित किया गया है।

उन्होंने कहा की समाज के विभिन्न वर्गों को हरित आवरण के विस्तार के लिए सरकार द्वारा वानिकी क्षेत्र में अनेक नई योजना चलाई जा रही है। वन महोत्सव लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करके पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने,परिस्थितिक सन्तुलन बनाये रखने में पेड़ों के महत्व के बारे में अधिक जागरूक करने का अवसर होता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि हर परिवार अपने खुशी के मौके पर पौधा रोपण अवश्य करें और नई पीढ़ी को भी पौधरोपण के लिए प्रेरित करें।

इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों व स्थानीय लोगों के सहयोग से वन भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के 400 पौधे रोपित किए गए।

भाराड़ी गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए पठानिया ने कहा कि डलहौजी वन मंडल में इस वर्ष 174.67 हेक्टेयर वन भूमि में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 1 लाख 61 हजार पौधे रोपित किए जा रहे हैं जिसमें 80ः रोपण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वृक्षरोपण से पर्यावरण को सुरक्षित करने के साथ-साथ पौधों से जंगली जानवरों के भोजन की जरूरत और इंसानों की जीवन यापन में भी सहायक सिद्ध होते हैं।

उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र भटियात के हर गाँव को सड़क सुविधा के साथ जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी बल देते हुए कहा की मुख्य मार्गों के साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए डीपीआर रिवाइजड की जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि सिहुन्ता- लहाडू मुख्य मार्ग को डबल लेन किया जा रहा है जिस पर 58 करोड़ की धनराशि व्यय होगी। उन्होंने कहा कि नारगला व कालीघार के प्रभावी व स्थाई रूप से रोकथाम के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है।

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